शेखर को घूमने का काफी शोक था वो सोलो ट्रेवलिंग किया करता उसे लोगों से मुलाकाते करना ओर अलग अलग जगहों पे जाना अच्छा लगता था
पहली नजर का प्यार
एक बार बो कुल्लू मनाली के लिए सोलो ट्रिप का पलेन करता है उसके पास अपनी बाइक थी और पूरी टूर कीट थी बो कुल्लू मनाली आ जाता है और बहा की शहर करने लगता है उसे एक दिन कुदरत के नज़ारों से परे एक सिम्पल सी लड़की दिखती है जो कि सेब के पेड़ो से सेब तोड़े रही होती है उसका नाम साज़ होता है शेखर उससे बात करने चले जाता है तो वो डर जाती हैं लेकिन शेखर कहता है में ट्रैवलर हु।
दो पल की खुशियां
शेखर उससे अब बात करने लगा उसकी हसीं उसे एक सुकून सा दिलाने लगे उन्होंने काफी बातें की साज ने उसी सेब की खेती के बारे में बताया साज को पहाड़ी भाषा आती थी तो उनमें काफी कन्फ्यूजन रहा शेखर साज की फैमिली से मिला उसमें उसका मां,पापा, छोटा भाई ओर दादी थी बे ओल्ड मनाली की साइड रहते थे शेखर ने साज के भाई के साथ पूरी ओल्ड मनाली घूमी और काफी बातें की उसके भाई ने बताया कि साज की अगले महीने शादी है ये सुनकर शेखर का दिल टूट गया ।
घर की ओर वापसी
बे बापिस आए ओल्ड मनाली के व्यू को देखकर ओर दोनो पैराग्लाइडिंग के लिए गए और बापिस घर आ गए शेखर उनके घर 2 दिन रूका उसके बाद उसने उनसे अनुमति ली ओर बापिस अपने शहर लौट आया लेकिन वो साज के लिए बहा एक गिफ्ट छोड़ कर आया जिसमें उसके भाई ओर इसकी तस्वीरें थी और अपनी सोनें की चैन भी थी ओर एक लेटर भी था जिसमें शेखर ने थैंक्स बोलते हुए लिखा कि आपके साथ गुजारे
हुए दिन मेरे लिए काफी अच्छे थे आपकी मेहमान नवाज़गी के लिए शुक्रिया ओर मेरी तरफ से साज की शादी के लिए छोटा सा गिफ्ट
आपका शेखर..
शेखर बापिस अपने शहर दिल्ली आ गया यादों ओर टूटे खुहाबों को लेकर लेकिन वो साज के लिए खुश था उसने मूव ऑन कर लिया ।
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