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प्यार की दवा

जब एक लड़का अपने प्यार से शादी नही कर पाता है तो उसपर क्या बितती होगी।
नवनीत के साथ भी ऐसा ही कुछ हो रहा है। नवनीत के लिए उसकी गर्लफ्रेंड मनीषा ही सब कुछ है। नवनीत मनीषा से कहता है कि तुम मेरे जीने की वजह हो।

तो मनीषा भी नवनीत से कहती है, कि तुम भी मेरे लिए बहुत जरूरी हो, और यह बात मेरे अलावा सिर्फ मेरा दिल ही जानता है। दोनों एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। एक दिन मनीषा ने नवनीत से मजाक कर दिया था, कि उसका एक्सीडेंट हो गया है। यह सुनकर नवनीत का बुरा हाल हो गया था।

और नवनीत तुरंत मनीषा से मिलने निकल जाता है। फिर पहुंच कर देखता है, कि मनीषा बिल्कुल ठीक है और सिर्फ उससे मजाक कर रही थी। मनीषा के इस मजाक से नवनीत को थोड़ा गुस्सा आ जाता है, और वह बिना कुछ बोले वहां से निकल जाता है।

बात करने को तरसना

दोनों की बातचीत अच्छे से चल रही होती है, दोनों बहुत खुश भी होते हैं, और दोनों का प्यार तो देखा ही है। कैसे मनीषा के मजाक से नवनीत की हालत खराब हो गई है।
अब दोनों की जिंदगी में ऐसा बदलाव आने वाला था जिससे दोनों ही अनजान है। लेकिन दोनों को यह तो पता था, कि वह दोनों एक दूसरे के बिना तो बिल्कुल नहीं रह सकते हैं।
एक दिन जब मनीषा नवनीत से बात कर रही होती है, तो बात करते-करते ही दोनों में लड़ाई हो जाती है लड़ाई का कारण फोन ही होता है ।

मनीषा फोन में कोई वीडियो देख रही होती है और नवनीत को भेजती है। वीडियो में कुछ लाइन लिखी होती है, की लड़कों की कोई पसंदीदा स्त्री होना असंभव सा है, क्योंकि लड़का लगभग हर लड़की को पसंद करता है।

अब जब नवनीत यह पड़ता है तो उसे बहुत ज्यादा गुस्सा आ जाता है। और वह मनीषा को हर जगह से ब्लॉक कर देता है, और बात करने को मना करता है।

मनीषा उसे खूब सॉरी बोलती है लेकिन नवनीत के दिल पर वह बात छप जाती है, कि तुमने मुझे ऐसा क्यों बोला। नवनीत मनीषा से कहता है कि मैं तुमसे इतना प्यार करता हूं कि तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकता हूं। तुम्हारे मन में ऐसी कोई बात आ भी कैसे सकती हैं। इतना कहकर वह मनीषा को ब्लॉक कर देता है, और 5 दिन तक उससे बात नहीं करता है।

मनीषा बहुत परेशान हो रही थी, क्योंकि नवनीत उससे बात नहीं कर रहा था। मनीषा को बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था, क्यूंकि मनीषा उससे बात करे बिना रह ही नहीं सकती थी। फोन दो दिन हो चुके थे लेकिन नवनीत का कोई मैसेज या कॉल नहीं आया था।

दोनों ही एक दूसरे से बात करे बिना नहीं रह सकते थे। 6 दिन होते ही नवनीत ने खुद ही मनीषा को कॉल कर लिया, तो मनीषा उससे कहती है कि जब तुम्हें पता है, कि तुम भी मुझसे बात करें बिना नहीं रह सकते हो तो कितना नाटक क्यों कर रहे थे।

तो नवनीत उसे समझाता है कि तुम मुझे ऐसी कोई बात मत बोला करो, जिससे मुझे बुरा लगे। और तुम्हारी वह बात मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगी थी, अम मनीषा नवनीत को सॉरी बोल देती है, और दोनों वापस पहले की तरह अच्छे से बात करने लगते है।

शादी की बात

दोनों को ऐसा लग रहा था कि अब उनको अपने परिवार वालों से शादी की बात करनी चाहिए। और एक दूसरे के बारे के बारे में अपने घर वालों को बता देना चाहिए। क्योंकि अब दोनों की ही उम्र शादी की हो चुकी थी।
अगर वह दोनों अब भी अपने परिवार को नहीं बताएंगे, तो उनके लिए कोई और रिश्ते ढूंढने लगेंगे,जो क्यों दोनों को ही मंजूर नहीं होंगे।

मनीषा अपनी मम्मी को नवनीत के बारे में बताती है तो मनीषा की मम्मी उससे कहती है, कि वह उसके पापा से बात करेंगी। अब मनीषा को इंतजार था कि उसकी मम्मी उसके पापा से कब बात करेंगी।
जब रात में मनीषा के पापा घर आते हैं, तो उसकी मम्मी नवनीत और मनीषा के बारे में उसके पापा को बता देती है। मनीषा के पापा थोड़े नए ख्यालो के इंसान होते है। वह उन दोनों की शादी के लिए मान जाते हैं, और उनके रिश्ते को मंजूर करने के लिए तैयार हो जाते हैं।

उधर नवनीत के परिवार वाले तो राज़ी ही होते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि उनका बेटा शादी तो सिर्फ अपनी मनपसंद लड़की से ही करेगा।

हम खुशी-खुशी नवनीत और मनीषा की शादी हो गई थी और दोनों बहुत खुश थे।
मनीषा नवनीत से कहती है कि मुझे तुम्हारे साथ एक सुकून मिलता है ऐसे ही मैं तुमसे बात करने के लिए तरसती नहीं हूं।
और कहती है कि मैंने तो कभी सोचा ही नहीं था, कि मुझे तुमसे इतना प्यार हो जाएगा की जीना भी मुश्किल लगेगा। उसकी ऐसी प्यारी प्यारी बातें सुनकर नवनीत बहुत खुश होता है।
अब दोनों अपनी शादीशुदा जिंदगी जी रहे होते हैं।


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